- परीक्षा कलेण्डर से बम्पर भर्तियों तक राज्य सरकार ने किया युवाओं की हर अपेक्षा को पूरा: CM भजनलाल शर्मा
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के माय भारत खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से जुड़े मुख्यमंत्री

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित माय भारत खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर के सुबोध पीजी कॉलेज से इस कार्यक्रम से वीसी के माध्यम से जुड़े और प्रधानमंत्री का उद्बोधन सुना। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं के धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ही विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है और अब गांव-गांव की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस उनके अद्वितीय योगदान और खेल के प्रति समर्पण को याद करने का अवसर है।
संशोधित खेलो इंडिया योजना से खेलों को मिलेगी नई दिशा
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि देश को पदक तभी मिलते हैं, जब देश में खेल संस्कृति का निर्माण होता है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज भारत खेलों के क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है तथा खेल राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा संशोधित खेलो इंडिया योजना में 36 हजार करोड़ रुपये के व्यय से खेलो को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश में खेल परिदृश्य में बदलाव आया है। प्रधानमंत्री ने युवाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। स्वामी विवेकानन्द ने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह साकार हो रहा है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और तीसरे स्थान की ओर अग्रसर है।
माय भारत युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का सशक्त माध्यम

उन्होंने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से शुरू किया गया माय भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं को कौशल विकास, नेतृत्व और नागरिक भागीदारी के अवसर प्रदान कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागी बना रहा है। माय भारत केवल एक पोर्टल नहीं, बल्कि अमृत पीढ़ी के सामर्थ्य को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भी प्रदेश के युवाओं को खेल, कौशल विकास, रोजगार और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने के लिए ‘सुयोग’ प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के हर गांव और हर वार्ड के युवा को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
खेलों के लिए राजस्थान में मजबूत हो रहा आधारभूत ढांचा
3 हजार 540 खिलाड़ियों को 52 करोड़ की प्रोत्साहन राशि
हर जिले में एक खेल को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि राजस्थान युवा नीति-2026 के माध्यम से युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, खेल और नेतृत्व विकास के नए अवसर सृजित किए गए हैं। एक जिला-एक खेल के माध्यम से प्रत्येक जिले में एक खेल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ओलंपिक खेलों में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि विभागीय अकादमियों के खिलाड़ियों का मैस भत्ता 2 हजार 600 रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रतिमाह किया गया है।
युवाओं का आगे बढ़ाने के लिए तत्पर राज्य सरकार
इससे पहले मुख्यमंत्री ने छठीं एशियन अंडर-18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता लक्षिता, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में रजत पदक विजेता मानव शर्मा, राज्य अंडर-23 में स्वर्ण पदक विजेता अविरल तिवारी और एचसीएल 81वीं राष्ट्रीय स्क्वैश चैंपियनशिप प्रतिभागी भूमिका पारीक से संवाद कर उनके सुझाव एवं अनुभव सुने। कार्यक्रम में सांसद राव राजेन्द्र सिंह, मंजू शर्मा एवं अन्य गणमान्यजन सहित खेल जगत के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
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