- बिजली-पानी, रोजगार और गांवों के विकास पर बड़ा फोकस

जयपुर। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक में राजस्थान के विकास से जुड़े कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। बैठक में राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी देने के साथ ही औद्योगिक निवेश, अक्षय ऊर्जा, जल संरक्षण, गांवों के विकास, बिजली-पानी की आपूर्ति और पेंशनर्स को राहत जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदेश को “विकसित राजस्थान 2047” विजन के तहत वैश्विक औद्योगिक हब बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।
राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी
बैठक के बाद उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री Rajyavardhan Singh Rathore ने बताया कि नई औद्योगिक नीति 4G मॉडल- ग्रीन, गवर्नेंस, ग्रोथ और ग्लोबलाइजेशन पर आधारित होगी। इसका लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। नई नीति के तहत पर्यावरण अनुकूल उद्योगों, अक्षय ऊर्जा, सर्कुलर इकोनॉमी और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, टूरिज्म, जेम्स एंड ज्वैलरी, डेयरी और एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करेगी। सरकार ने डीएमआईसी कॉरिडोर में नए औद्योगिक पार्क विकसित करने, फास्ट ट्रैक अप्रूवल सिस्टम लागू करने और प्लग एंड प्ले सुविधाओं को बढ़ावा देने की भी घोषणा की।
जल संरक्षण अभियान को लेकर बड़ा प्लान

जल संसाधन मंत्री Suresh Singh Rawat ने बताया कि 25 मई से 5 जून तक “वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान” चलाया जाएगा। अभियान के दौरान नदियों, तालाबों और जल स्रोतों की सफाई, डी-सिल्टिंग, श्रमदान और दीप प्रज्वलन जैसे कार्यक्रम होंगे। प्रदेशभर में जल चौपाल, किसान चौपाल और सूक्ष्म सिंचाई पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को “जल गौरव सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा।
गांवों और शहरी वार्डों के लिए बनेगा मास्टर प्लान
ऊर्जा राज्यमंत्री Hiralal Nagar ने बताया कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों और 10,245 शहरी वार्डों से सुझाव लिए गए हैं। इन सुझावों के आधार पर विकास के ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार किए गए हैं। 26 मई को प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित कर इन योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
“राजस्थान में मांग से ज्यादा बिजली उपलब्ध”
सरकार ने दावा किया कि इस बार भीषण गर्मी के बावजूद राजस्थान में बिजली संकट नहीं है। ऊर्जा विभाग के अनुसार 20 मई को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 16,487 मेगावाट रही, जबकि उपलब्धता 16,580 मेगावाट दर्ज की गई। सरकार ने कहा कि हैंडपंपों और नलकूपों की मरम्मत पहले ही करवा दी गई है और हेल्पलाइन 181 पर आने वाली बिजली-पानी की शिकायतों का 24 घंटे में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
पेंशनर्स और विशेष योग्यजनों को राहत
मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1996 में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब विशेष योग्यजन बच्चों को स्थायी विकलांगता प्रमाण पत्र बार-बार जमा नहीं करना होगा। इसके अलावा पेंशनर्स अब मोबाइल एप और फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। अराजपत्रित कर्मचारियों को भी एसएसओ आईडी के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है।
जैसलमेर में बड़े निवेश को मंजूरी
सरकार ने जैसलमेर जिले में Dalmia Cement को 121.42 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। यहां 3,047 करोड़ रुपये के निवेश से सीमेंट प्लांट लगाया जाएगा, जिससे करीब 820 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा JK Cement को रेलवे लाइन परियोजना के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति दी गई।
अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा
मंत्रिमंडल ने जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में कई अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान पर अभिनंदन प्रस्ताव
बैठक में प्रधानमंत्री Narendra Modi को संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा एग्रीकोला मेडल दिए जाने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। मंत्रिपरिषद ने इसे देश के किसानों और पशुपालकों के लिए गौरव का क्षण बताया।
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